चाय के कप ☕️ के साथ,

तुम्हारी याद आई..  ...

                   

कुछ खट्टी ओर कुछ मिठी           

बतियाने की चाह हुई..


कुछ सुनेंगे तुम्हारी

और सुनायगे मन की..           

आज फिर पुरानी यादो की       

धूप मे बैठने की चाह हुई..


क्यू उलझाया है हमने,

खुद को इस जनजाल मे इतना..             

 

आज थोडा फ्रि हो संग तुम्हारे,              

जबाब ढूंढने की चाह हुई...


कुछ उलझेंगे कुछ सुलझेंगे

सवाल हमारे ओर तुम्हारे..                 

बस सुबह-सुबह,

तुमसे बात करने की चाह हुई..☕️

@ShabdMalaVidushi

please follow me on my Instagram?