मैं साथी हुं आज़ाद विचारो का मैं शत्रू हुं धर्म के ठेकेदारो का मैं हल हुं सियासत के बीमारो का मैं रक्षक हुं ,मूल अधिकारो का मैं भारत का सविधान बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं जब जब फितना उपर चढता है तब तब भारत पर आकर पड़ता है ज़मीर यहां पर रोज बिका करता है भारत में इंसा से इंसा डरता है मैं अहिसा का फरमान बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं क़त्ल यहां पर होता है हाकिम बस निन्दा करता है मेरे ही नाम पर मुगलो को ज़िन्दा करता है अपनी बातो से अहल ऐ दिल को शर्मिन्दा करता है शपथ सविधान की, फिर उसको गंदा करता है मैं तुझको सियासी शैतान बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं तुम मकतूल को कातिल लिखते हो तुम सच्ची खबरो पर बिकते हो जनता का न्यास तुम्ही पर है सो तुम्ही लोकतंत्र के हत्यारे दिखते हो मैं पत्रकार की पहचान बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं हिंसा फ़कत रेल की बर्थ पर है गर टोपी मेरे सर पर है कुर्ता मेरा खून में तर है तैय्यार कफन मेरा घर पर है मैं जुनैद की जान बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं रोज यहां पर पंगे होते हैं हिन्दू मुसलिम दंगे होते हैं जन्तर मंतर की दिवारे शर्मिन्दा हैं किसान यहां पर जब नंगे होते हैं मैं मज़लूम किसान बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं बात किया करते हो भारत माता की जय पर गर मतालबा हो भीड़तंत्र के भय पर आग बगूला होते हो गायो की शय पर फिर परदा डलता है वादो की तय पर मैं वादो का अरमान बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं आदर्श होगे तो जग में प्रशंसा होगी गांधी में ढल जाओगे कभी ना हिसा हौगी जब टूटेगा पर्वत मानवता के आगन पर अहिंसा बरपा होगी ये तेरी भी मशा होगी मेरी भी मशा होगी में गांधी का घान बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं जो पल पल खून का आदि है भारत में एक ऐसीअबादी है जहां खून की बू रस्तो से आती है हां हां वो केरल की लाशो की वादी है मैं केरल का शमशान बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं निर्दोशां फसे हैं देहशतगर्दी पर असमत् के दाग लगे हैं वर्दी पर रोता रोता कशमीर ये कहता है ऐ हाकिंम ताना मार रहा हुं तेरी नामर्दी पर में कष्मीर की ज़ानिब से शान् बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं मन्दिर में जबतक पिछड़ो का प्रवेश ना होगा तब तो वो इंसा निर्दोश ना होगा ज़हर यहां पर रफता रफता फिलेगा जबतक इंसा में इंसा भेश ना होगा में जाती में इंसान बोल रहा हुं हां मैं हिन्दोस्तान बोल रहा हुं