Poetry 1 min read 619.1K reads

ना काटे रास आए


ना कांटे रास आए,

ना कलियां रास आई,

जीवन के सफर में, हमें तो,

वीरान गलियां रास आई।।

सीमा सूद ✍️ स्वरचित रचना

दोराहा जिला लुधियाना।।

Read more Earn more Learn more