लिखती थी कभी मैं तराने बस तेरे लिए
अब लिखने लगी हूँ मौजूदा हालातों पर
क्या से क्या हो गई हूँ
अब इस बारे में तुझसे और क्या कहूँ|
सीमा एच दहिया 'धृति'


लिखती थी कभी मैं तराने बस तेरे लिए
अब लिखने लगी हूँ मौजूदा हालातों पर
क्या से क्या हो गई हूँ
अब इस बारे में तुझसे और क्या कहूँ|
सीमा एच दहिया 'धृति'