युद्ध अपना मन के साथ
हाथ की पांच उंगलियों समान नहीं
लेकिन हाथ एक
अपनी जगह में सब सही
एक साथ रहना असली धर्म
मान अभिमान ज्यादा हो तो बड़ी दिक्क़त
टूटा घर
संसार भी
राष्ट्र में हुल्लड़
दूसरा देश में आँसू
मानवता पर प्रश्न चिन्ह
एक उंगली टूटी तो पूरा हाथ का नुक़सान
एक देश की मौत तो सब देशों का बंधन
एक देश का क्रोध तो सब देशों का व्याधि।।

