Poetry 1 min read 316.3K reads

पास हैं


पास हैं, इसलिए झगड़ रहे हैं और लोग सोच रहे हैं दूरिया|सही बात यह है, एक दूसरे को पहचान रहे हैं, कहाँ किसकी कमिया|

दूर रहते हैं, इसलिए लोग सोच रहे हैं विच्छेद|लेकिन दूरी अनुराग सिखाती है, दूर करती है भेद|

Read more Earn more Learn more