मैं पचास फ़ीसदी मीठा हूं,

बाकी पचास फ़ीसदी खट्टा हूं।


अगर मैं पूरा मीठा इंसान होता

तो असत्य आकर मुझसे मेरी मिठाई छीन लेकर

जीना मुश्किल कर देता।

अगर मैं पूरा खट्टा इंसान होता

तो सत्य आकर मेरा खट्टा स्वभाव को जिन्दा जलाकर

न्याय प्रतिष्ठा करता।


इसलिए मैं मीठा और खट्टा के बीच

एक संतुलन बनाकर रखता हूं,

ताकि असत्य को ख़त्म करके

सत्य के रास्ते पर चल सकता हूं।