वह अपना खाता खोला था।
वह अपनी खाता खोली थी।
पहचान बहुत पहले से थी।
माँ बाप के सामने कैसे आए?
मैट्रिमोनी की मदद से…
दोनों एक दूसरे को शॉर्टलिस्ट किये।
बातें चलती रही।
नदी बहती रही।
सबको किनारा दिखाई दिया।
बाढ़ ने नहीं खा गयी बालू,
लेकिन प्रगति ने खा गयी पुराना।
एक कहानी सामने आयी।
वह समय की बात
और पीछे निकल गया अंधा संस्कार।
शादी हुई धूमधाम।
समाज को पता है कि
यह प्यार का गीत।
लेकिन समय को पता है कि
यह प्यार की जीत।
