जो चीज़ें हम मांग रहे हैं,
अगर सभी मिल जातीं
तो जिंदगी ज्यादा मीठी हो जाती।
ज्यादा मिठाई मुँह को खट्टा बना देती है।
ज़िंदगी मसालेदार नहीं होती।
थोड़ा सा कड़वा (विफलता):
सफलता को पहचानने के लिए
और थोड़ी सी मिर्च (धोखा खाना):
समाज को पहचानने के लिए------
जिंदगी मसालेदार बनती है।

