अच्छा आदमी था,

सभी मान लिया।

 

मालिक की हर एक बात

वह मान लिया।

"काम ज्यादा करो,

सोना मत।

वेतन कम मिलेगा,

खाना कम खाओ"।

 

समाज की हर एक बात

वह मान लिया।

"लोगों का नौकर बनके,

लोगों के पैरों के नीचे रहो।

सभी के पीछे रहो,

जीना मत"।

 

परिणाम क्या हुआ?

वह कभी खड़ा नहीं हो पाया।

 

अपनी किस्मत को दोष देकर क्या होगा?

बोलना सीखो।