मन के अंदर क्या है

किसी को मत बताओ।

मन की बात

मन में ही छुपा के रखो।

जो ज्यादा बातचीत करता है,

वह है बेवकूफ़।

जो चुपचाप अपना काम करता है,

वह है चालाक।

सिर्फ अपना काम साबित करता है

अपना मन में क्या है।

काम करने वाला ही मन में

वंचित होने का गुस्सा पालता है।

जो वंचित नहीं होता,

वह कभी बड़ा नहीं बन पाता।

जो बात करके जल्दी अपना वंचन बता देता,

वह कभी आगे देख नहीं पाता,

आगे बढ़ने की बात यहां नहीं हो रहा है।

एक बात हमेशा याद रखना-

किसी का नुकसान मत करना,

सिर्फ अपने आप को सही वक्त पर साबित करना।