Poetry 1 min read 333.7K reads

मैं किसी को


मैं किसी को परवाह नहीं करता|सभी को परवाह करने से खुद को परवाह नहीं किया जाता|

मैं सभी को परवाह करता|सभी को परवाह करने से खुद को सुनने का साहस मिलता|

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