जिसे आप विश्वास नहीं करते हैं,
उसे चावल या रोटी खाने मत दो।
खाने में माँ लक्ष्मी रहती है,
वह सिर्फ पैसा में नहीं रहती।
विश्वास संपर्क का आधार होता है।
संपर्क में भी माँ लक्ष्मी रहती है।
विश्वास उनका एक रूप।
सिर्फ पैसा उनका रूप नहीं है।
जहाँ विश्वास नहीं, वहां लक्ष्मीजी भी नहीं,
वहां संपर्क भी नहीं।
जहाँ वे तीनों नहीं रहते, वहां सिर्फ अकाल रहता।

