सबसे कठिन विषय

मन के अंदर क्या चल रहा है

यह जानना।


मनोवैज्ञानिक भी असफल रहे जातें।


मेरे और आपके मन के अंदर क्या चल रहे हैं,

वे सिर्फ मेरे और आपके हृदय बोल सकते हैं।


सिर्फ हृदय को पता है आदमी सही या गलत। 

हृदय हमेशा काम करता है,

इसलिए उसका अस्तित्व सही रास्ते पर चलता है।

मन हमेशा बैठा है,

इसलिए उसका अस्तित्व भटकता रहता है।