कुमार का खून लाल
करीम का खून लाल
सुबह का सूर्योदय
और शाम का सूर्यास्त
एक ही लाल रंग
गुलाब भी लाल
लेकिन कांटों भी बहुत
काँटा ही सच्चाई
दो आंखें दो अलग कोण से
देखती हैं एक ही रंग
उसका चमक अलग होता
दो जाति भी बन गयी अलग
बीच में घुस गया नारा का काँटा
याद रखिये
जो नारा लगाते है
उसके खून भी लाल।


