लोग कहते हैं,

'पीछे मत देखो। हमेशा आगे देखो'।

 

मेरा दो प्रश्न।

 

एक, अगर अतीत हम भूल जाए,

तो कैसे हम अपना वर्तमान बना सकेंगे?

अतीत से वर्तमान बनाने की शक्ति मिलती है।

अगर हम अतीत भूल जाए,

तो शक्ति मिलेगी कहाँ से?

अतीत पिता है और वर्तमान पुत्र।

 

प्रश्न दो,

आगे देखना का मतलब

अपना भविष्य के बारे में ज्यादा सोचना।

अगर हम अपना भविष्य के बारे में ज्यादा सोचे,

तो हम अपना वर्तमान समय को खो बैठेंगे।

तो क्यों सोचे इतना भविष्य के बारे में?

भविष्य के बारे में सोचता हुआ इंसान

कभी कभी अतीत की शिक्षा को भूल जाता है।

यह बिलकुल गलत है।

 

अब बताओ कि सही बात क्या है?

कभी कभी पीछे देखो

और ज्यादा दूर मत देखो।