मुझे मुझ पर विश्वास है-
मैं क्या हूं और क्या नहीं हूं-
इसलिए कि मैं हमेशा दिल को यह बात पूछता,
अपना दिमाग को कभी नहीं।
दिमाग लगाकर काम करना चाहिए,
लेकिन दिमाग लगाकर आगे नहीं बढ़ना चाहिए-
दिमाग लगाकर आगे बढ़ोगे तो ज़रूर फंसोगे।
यह बात सही है कि
जिसके पास दिमाग नहीं होता है,
वह ज्यादा दिमाग लगाता है
आगे बढ़ने के लिए।
और जिसके पास दिमाग होता है,
वह सिर्फ काम पे ही दिमाग लगाता है।
यह बात अजीब, लेकिन सच है-
जिसके पास दिमाग नहीं होता है,
उसके पास दिल होता है।
और जिसका दिमाग अच्छा है,
उसके पास दिल नहीं होता है।
दिमाग हमेशा दिल को गलत रास्ता दिखाता है।
सिर्फ दार्शनिक के पास दिमाग और दिल दोनों ही हैं ।
लेकिन इस ज़माने में दार्शनिक नहीं मिलते है।

