मैं किसी से डरता नहीं हूँ-
मैं सिर्फ खुद से डरता हूँ।
अगर मैं दूसरों से डरता
तो मुझे समृद्धि मिलती।
मैं सिर्फ खुद से डरता हूँ,
इसलिए मुझे शांति मिलती है।
अगर जीवन में शांति नहीं आती
तो समृद्धि कहाँ से आएगी?
दूसरों से डरने का मतलब
दूसरों के पैर चाटना
और खुद से डरने का मतलब
खुद का विवेक जगाना।

