पहले लालच होता है।

पैसा देख के या रूप देख के या मान देख के।

 

उसे पाने के लिए जन्म लेती है मंशा।

उसके जैसा मेरा भी होना चाहिए।

 

अगर मिल गया, तो बनता है अनुराग।

मेरे पास है।

अहंकार में अंधी दो आँखें।

उसके बाद पतन।

 

अगर नहीं मिला, तो...ईर्ष्या।

मेरे पास नहीं है।

अवसाद क्रोध का एक रूप।

क्रोध लाता है मृत्यु।