जिंदगी बुलबुला की तरह,

पानी समय,

उबलती हुई गरमाहट दिल की धड़कन।


बुलबुला जन्म लेता है

फट करने के लिए

और एक जिंदगी जन्म लेती है

मरने के लिए।

जन्म के साथ साथ मृत्यु भी लिखा रहता है।


बीच में जो है

वह दिल की धड़कन।

आपके दिल की धड़कन आप सुनें,

किसी को सुनाना मत।

कम समय में खुद का अस्तित्व को

जानने की कोशिश करें।


जन्म, मृत्यु और अस्तित्व आपके हाथों में नहीं

लेकिन खुद का अस्तित्व को महसूस करने का अधिकार

आपको है…

जन्म और मृत्यु का पता कभी नहीं चलता!