संकीर्णता भारत छोड़ो। 

कुटिल मन भारत छोड़ो। 


पृथकतावाद भारत छोड़ो। 

भेदभाव भारत छोड़ो। 


ईर्ष्या भारत छोड़ो। 

हिंसा भारत छोड़ो। 


कोई मानव को 

मैं भारत छोड़ने के लिए 

नहीं कह रहा हूँ। 


लेकिन यहाँ केवल मानवता रहेगी। 

जो मानव के पास मानवता नहीं है,

उनसे मैं यह कहना चाहता हूँ कि

अपने दोषों को 

कल रात की बारिश के साथ

बह जाने दें। 


अपनी मानवता मत छोड़ो।