आग लग गयी
कारखाने में।
जहाँ ब्रेड बनता था,
वहां वे लोग बम बना रहे थे।
बम कोई खाता नहीं,
सिर्फ फेंके जाते हैं!
ब्रेड से सिर्फ पेट भर सकता है,
लेकिन बम भरते हैं मकानों,
ज़मीनें भी।
लालच के बारूद ने ले ली जान।
लालच में शामिल थे महिलाओं और बच्चों।
बड़े बाप को सब कुछ पता था,
लेकिन दुष्ट बूढ़ा ने पाल रहा था हिंसा।
जो लोग उनके घर और ज़मीन भरने चाहते थे,
उन लोगों के जीवन आग ने खा ली।

