ख्वाब इश्क के हमने पाले बहुत है आसमां मे जो बादल है, काले बहुत है!! खुलकर सामने आये तो भी क्या होगा जब उनकी आंखों मे जाले बहुत है!! इश्क किसी से लडाए तो आखिर कैसे दिल पर उनकी यादों के ताले बहुत है!! स्वाद बेवफाई का चखना, बस की बात नही, मेरी जीभ पर छाले बहुत है!! उनके चाहने से भी बिखर ना सके 'नेमत' तूने अपने वादे संभाले बहुत है!!