मेरे ख्वाब महज ख्वाब होकर रह गये
हम जो अपने थे कभी आज तेरे होकर रह गये!!
लोगो ने मुक्कमल मुकाम दिया .मोहब्बत को
हम तो बस तेरी आंखों मे खोकर रह गये!!
हर बार जिंदगी पास से होकर गुजर गयी
हर दफा ख्वाब मुंतजिर होकर रह गये!!
इबादत मे दगा ईमान से हमसे ना हो सकी
इसलिए भी हम इश्क मे खाली हाथ होकर रह गये!!
वफा मे बेहिसाब यकीं ये भी खता थी शायद
तासीर मे अरमान मुर्दा होकर रह गये!!