बड़ी अजब कशिश है मोहब्बत मे, मर मिट जाता है हर आशिक इसमे! मिलते है नैन जब इक दूजे सेे, शत्रुता कर जाता है सारा जमाना उनसे! तोडकर हर बंधन इक दूजे से जोडकर, सारी दुनिया से हो जाते है वो बेगाने! हर धर्म से इंसान तक कहते सब है, मोहब्बत से बडा कोई अफसाना नही है! आती है बात जब दो दिलो के मिल जाने की, तब दुश्मन इस जमाने से बडा कोई नही है!!