जाने को मंजिल पर, चार रास्ते दिये दिखाई !! लिखा था क्रम से, हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई !! जाना था वहीं, मगर एक समस्या गहराई !! पूछा विवेक से मैने, इंसान किस राह जाये भाई !!