यूँ जो आज तुमसे मुलाकात हो गयी,
थोडी ही सही मगर बात हो गयी!
यूँ अल्फाज तेरे लबो से सुने मैने,
कि ये शाम सबसे खूबसूरत हो गयी!
ये समय तेजी से व्यतीत हो गया,
मगर हर लम्हा इक जिंदगी हो गयी!
थोडा हम इक दूजे को जान गये,
कि ये मुलाकात एक नींव हो गयी!
तुम रूबरू हुए इस कदर,
कि मेरे गमो की दुकान कही खो गयी!