ऐ मेघ! आओ अपना हौसला दिखाया जाये,
स्मरण कर महबूबा की सुधियो को
आज खुद को जी भर के छलकाया जाये,
अश्रु से कर इस धरा को पावन
अपने जख्मों पर थोडा ही सही मरहम लगाया जाये,
इस तडपन का सहारा लेकर
इस बेरंग दुनिया को झुमने का एक सबब दिया जाये
ऐ मेघ! आओ अपना हौसला दिखाया जाये!!