"मुझे मेरा समय लौटा दो"


अवचेतन में कुछ तस्वीरे थीं,

चेतन जो कभी हुईं नहीं,

समय ही बहाकर लाया था,

उसी में बहकर चलीं गयीं ।


घूम रहा है वो पहिया,

पीछे जो कभी मुड़ा नहीं,

जो कल था अब नहीं .. जो अब है वो कल नहीं,

वो समय ही था जो लौटकर मिला नहीं।



मेरी यादें, खुशियाँ, वो रोना-धोना,

वो तुम्हारा होना या ना होना,

चाह कर भी लौट ना सका ,

वो समय था जो गुजर गया।


पैसा, मेरा घर-वार सब रखवा लो,

मुझे सशरीर बिकवा दो,

चाहो तो मुझे शून्य में मिला दो,

पर .. *मुझे मेरा समय लौटा दो*