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है मुझे तेरा इन्तेज़ार

SiddharthSiddharth March 7, 2023
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मरुस्थल की धूप में,
सुखे हुए कूप में,
तेरे स्वच्छ सुन्दर रुप में,

लहरते गेंहू की बाल में,
मेरे सुन्दर भूतकाल में,
फंसे हुए उस जाल में,
 
खिलखिलाते पेड़ो

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