* बस रोटियों की दौड़ है *


सड़क पर ये जो भीड़ है,

ना जान की फिक्र है,

ना पक्षियों सी कैद है,

बस रोटियों की दौड़ है । - 2


घड़ी सी आवाज है,

किताबों की आड़ है,

रात दिन जो गौण है,

बस रोटियों की दौड़ है। - 2


सही किया गलत किया,

जिसने किया बस कर दिया,

कारण कुछ खास नहीं,

बस रोटियों की दौड़ है। - 2


अनसुनी सी पुकार है,

पर दौड़ बरकरार है,

यह जीवन का सार है,

बस रोटियों की दौड़ है। - 2


                 ~ Sid