ज़िन्दगी को अब आगोश-ए - खामोशी चाहिए शायद,ये दिल तो बस आदतन धड़कते जा रहा है।।
ज़िन्दगी को अब आगोश-ए - खामोशी चाहिए शायद,
ये दिल तो बस आदतन धड़कते जा रहा है।।