आज निकल पड़ा हूँ दूर तलक, सबकुछ दिखता धुंधला धुंधला, आसमान के बादल ने भी, कुछ है अपना रंग बदला बदला, मैं तो एक पतंगा हूँ, कुछ टूटा टूटा बिखरा बिखरा,