उस भीड कि आवाज मे वही पुराना साज था
ढूँढा बहुत सँसार मे नया ना कोइ राज था
किए अथक प्रयास भी और नित नये अभ्यास भी
पर बात ना कोइ खास थी
क्योकि चारो तरफ मुझे घेरती वो भीड कि आवाज थी
निकला था मै
एक गहरे से सत्य कि तलाश मे
विचरन किया मैने बहुत उस विचलित से आकाश मे पर.....