बिखरी सी क्यों है ज़ुल्फ़ें,
आँखों में ख्याल किसका है
लबों पर हंसी है क़यामत
ये बता दे सवाल किसका है
आँखों में डूब कर पता चला,
दिल में वो मकान किसका है
चुप रहते है हम, बस मुस्कुराते है
जानते है बज़्म में काम किसका है
मेरी आँखों की चमक में गीलापन
वो पूछते है कि विसाल किसका है
ये एहसास है, दर्द है तो क्या हुआ
अब न पूछो कि ये एहसास किसका है
बाहों में गिरना तेरी, और खो जाना
दीवाने का नहीं तो ये हाल किसका है
तेरा हुस्न है मुकाबिल-ए- महताब,
अब बता ये खिताब किसका है
सर्द  रात में भी ये तपिश किसकी है बता
जानती तो हो कि ये आफताब किसका है