एक मंदिर बनाने की राह में हम कुछ मस्जिदें गिरा गए 

रामभक्त बनने की चाह में कुछ बाबर भी बना गए ।


कुछ घरों में आज रामलला के स्वागत में चिराग़ जलाए गए 

उन्हीं घरों में आज कुछ बच्चों को हम रावण सा बना गए ।


राम का घर कहाँ बसता है, ये कुछ आला मुंसिफ़ हमें बता गए 

उस एक घर को बसाने में शायद हम कई घरों को भी जला गए 


पिता की मर्यादा के लिए पुरुषोत्तम राम अपना घर छोड़ गए 

उस एक घर को बनाने में कुछ रामभक्त सारी मर्यादाएँ तोड़ गए 


बाबर तो आक्रांता था

हमारा धर्म तो सनातनी था,


फिर हम क्यूँ बाबर से हो गए