दौरान ए हिज्र कदम ना रोको।यूं करोगी तो जी ना पाएंगे।।- सौरभआज भी ओढ़ती है वो मुझको।उसकी हिजाब में मैंने रफू देखे हैं।।
दौरान ए हिज्र कदम ना रोको।यूं करोगी तो जी ना पाएंगे।।- सौरभ
आज भी ओढ़ती है वो मुझको।उसकी हिजाब में मैंने रफू देखे हैं।।