Poetry 1 min read 464K reads

वो युवा..


वोयुवा..

जो अपनी कल्पनाओं की क्षणिक दुनिया में..तुलना कर रहे हैं किसी की

चांद - सितारों से..लगता है ,

अभी लड़ें नहीं - संघर्ष की तलवारों से...सौम्यनिधि

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