देखो वह तारे,
नहीं वह आशाएं हैं।
देखो बातें नहीं वह गाथाएं हैं।
जो जैसा था,
अब वैसा कुछ भी है नहीं।
तुम्हारी जीत जीत नहीं वह,
हंसने में बाधाएं है।
वह गुस्सा नहीं वह आशाएं है।
तुम्हारा यहां कोई नहीं ।
यह बस बोलने की बातें हैं,
जो तुम्हारा है उससे तुमने खुद रिश्ते तोड़ वाए है।
