जो कुछ तुम पे गुज़रा है वो सब कौन बोलेगा? ग़र तुम नहीं बोलोगे तो फिर कौन बोलेगा? कौन बोलेगा सवेरा अब भी काला है? रातें नुकीली हैं, बताओ कौन बोलेगा? एफ.आई.आर हो भी गई दायर, तो कार्यवाही नहीं होगी उनके चाचा विधायक थे, उन्हें क्या कौन बोलेगा? हम ही से हैं खड़े जो सब, हमें ही चुप कराते हैं हमें चुप भी करा देंगे हमारा मौन बोलेगा, दुख भी सब ही को होगा, तरस भी सबको आएगा, पर जो भी था गलत ही था ये कौन बोलेगा? ये दावे हवा के हैं,ये वादे हवा के हैं जो हकीकत ज़मीनी है,वो हकीकत कौन बोलेगा? ये वबा भी खा गई रिश्ते-ओ-नाते साथ के सब के, अब चाचा कौन बोलेगा? अब भईया कौन बोलेगा? गज़लों में लिखेंगे ग़र सभी ही इश्क की बातें जो सच है कौन बोलेगा? हकीकत कौन बोलेगा? - सत्यम् मिश्र


