राजनीति के छाँव में,

भूखा सोये गरीब।

नेताओ के राज मे,

हम मौत के हुवे करीब।।

जनता का पैसा खाकर

बाहर हुवा पेट झूठ का।

लोकतंत्र के नाम पर

राज है सूट-बूत का।।

समोसा का इतना दाम ,

आपकी थाली हजार की।

इतने घोटाले करते हो,

लेकर नाम खानदान की।।  

व्यापन में जो पड़ गया,

कीमत नही उसकी जान की।

सीडी लीक हो जाने पर

नाम लेते हो राशन कार्ड की।।

सैन्य-सुरक्षा के नाम पर यहां

बोफोर्स का घोटाला किया।

जानवरो का चारा खाकर

कोयला बेच मुह काला किया।।

बिना चरित्र प्रमाण का,

होता नही हमारा काम।

सांसद-विधायक-मंत्रियों का

राशन कार्ड में गूँजता नाम।।

फिर भी इन्हें रोक पाया ना कोई,

करते संसद में बैठ प्राणायाम।

आधे अपराधी नेता-मंत्री,

आधे देश का करते काम तमाम।।