1 min read 787.3K reads

नियति


"नियति की गतिकोई ना जाने;

चाहे लोग समझेंअपने को कितने भी सयाने,

कर्म का लेख उजागर ही होगा,चाहे तू माने या चाहे ना माने"

Read more Earn more Learn more