स्त्री और पुरुष दोनों,


लता एवं वृक्ष के समान होते हैं


पुरुष वृक्ष बन कर,


स्त्री को सहारा प्रदान करता है


एवं स्त्री लता बनकर,


पुरुष को शीतलता प्रदान करती है