
सरहदों का किनारा हो, मां भारतीय का नारा हो
वीर तुम बढ़े चलो, अहल-ए-वतन हमारा हो
रक्त में उबाल हो, हाथों में इक मिशाल हो
वतन पे जां निसार हो, हर दिल से ये पुकार हो
हर तरफ ये शोर हो, चाहे अंधेरा घनघोर हो
चलते हैं सीना तान के, ये सरहदों पे शान से
चाहे कोई आपदा हो, य
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