Poetry 1 min read 791.6K reads

यादै


तुम आज भी महक रही हो इन हवाओं में किसी खुशबू की तरहा,जो लिपटी रहती है मेरे आस पास यही कहीं,में महसूस करता हूँ तुमको हरपल तुम घुल गयीं हो मेरी सासों में|

Read more Earn more Learn more