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साया


तुम आज भी महक रही हो इन हवाओं में किसी खुशबू की तरहा जो लिपटी रहती हैं मेरे आस-पास यही कहीं मैं महसूस करता हूं तुमको हरपल तुम घुल गयी हो मेरी सांसों में।

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