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सवेरा


सूरज निकला हुआ सवेरा मिट गया है सब अंधेरा फिर से इक नयीं सुबह आई सूरज की वो पहली किरण कुछ उम्मीदों को संग लायीं, कुछ मीठे-मीठे खुबाब बुनें मन में इक उमंग सी भर आयीं जैसे चलें हों चार कदम मंजिल करीब नजर आयीं।

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