निति कहतीं हैं कि अगर हम गलत लोगों के साथ रहते हैं तो हम भी ग़लत हो जायेंगे और अगर हम अच्छे लोगों की संगत में बैठेंगे तो हमारे आचार विचार भी अच्छे लोगों की तरह हो जाएंगे।