आज कई बरस में लौटकर वो आयेंलेकर कूचों की रौनक वो आयेंचहरे पर हसी आंखों में नमी सभी से मिल रहे थे मगर फिर भी थीं किसी बात की कमीवो आयें सबके घर मगर उस घर ना आये लेकर कूचों की रौनक वो आयें।
आज कई बरस में लौटकर वो आयेंलेकर कूचों की रौनक वो आयें
चहरे पर हसी आंखों में नमी सभी से मिल रहे थे मगर फिर भी थीं किसी बात की कमीवो आयें सबके घर मगर उस घर ना आये लेकर कूचों की रौनक वो आयें।