जीवन में प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यो को सत्य,निष्ठा,व ईमानदारी से निभाएं तो उस पर किसी भी प्रकार का द्वेष,घृणा,और विरोध उत्पन्न नहीं हो सकता।